रांची : रांची विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के सेमिनार हॉल में शनिवार को एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के निदेशक राजेश कुमार सिन्हा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और आधार तकनीक में आए क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम कुलपति डॉ. डीके सिंह की विशेष पहल पर आयोजित किया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
निदेशक राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि 28 जनवरी को आधार मोबाइल ऐप का पूर्ण और अपडेटेड संस्करण आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। यह नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है। श्री सिन्हा ने बताया कि अब नागरिकों को छोटे-मोटे सुधारों के लिए आधार सेवा केंद्रों पर लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। उपयोगकर्ता अपने मोबाइल के माध्यम से नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को सुरक्षित तरीके से अपडेट कर सकेंगे। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐप में एक नया ‘कॉन्टैक्ट कार्ड’ फीचर जोड़ा गया है। इससे बायोमेट्रिक या पूरा आधार नंबर साझा किए बिना भी पहचान सत्यापन का काम पूरा किया जा सकेगा।
तकनीकी विस्तार की चर्चा करते हुए श्री सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा की। अब आधार का सत्यापन बिना इंटरनेट के भी संभव है। इसके लिए उपयोगकर्ता एक पासवर्ड से सुरक्षित फाइल बना सकते हैं। साथ ही QR कोड के माध्यम से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं। यह फीचर उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा जहां कनेक्टिविटी की समस्या रहती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें कॉमर्स डीन डॉ. अमर कुमार चौधरी, मानविकी डीन डॉ. अर्चना कुमारी दूबे, सोशल साइंस डीन डॉ. परनेज हसन, रजिस्ट्रार डॉ. गुरुचरण साहू, प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता और डॉ. स्मृति सिंह शामिल हैं।