अब सिंबल के साथ शुरू होगा महासंग्राम

बोकारो : चास नगर निगम के मेयर पद की चुनावी तस्वीर अब बिल्कुल साफ हो गई है। नाम वापसी के अंतिम दिन 3 उम्मीदवारों के हटने के बाद अब मैदान में 31 प्रत्याशी बचे हैं। मैदान छोड़ने वाले 3 उम्मीदवार हैं- उमेश गुप्ता, प्रिया चौरसिया, और मो. इमरान। अब मुकाबला बहुकोणीय और दिलचस्प होने वाला है। शनिवार को चुनाव चिह्न आवंटित होते ही चुनावी शोर अपनी चरम सीमा पर होगा।
यद्यपि यह चुनाव गैर-दलीय है, लेकिन राजनीतिक दलों के समर्थित उम्मीदवारों के लिए उनके अपने ही दल के ‘बागी’ सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं।
- भाजपा की मुश्किल: पार्टी ने अविनाश कुमार को अधिकृत समर्थन दिया है, लेकिन भाजपा पृष्ठभूमि के ही 4 नेता मैदान में डटे हैं। इनमें डॉ. परिंदा सिंह (पूर्व मंत्री समरेश सिंह की पुत्रवधु), विनोद कुमार, अरविंद कुमार राय और रीतुरानी सिंह शामिल हैं। पार्टी की मान-मनौवल की कोशिशें यहां नाकाम रहीं।
- कांग्रेस का हाल: कांग्रेस समर्थित जमील अख्तर के सामने मो. सुल्तान ने निर्दलीय उतरकर समीकरण पेचीदा कर दिया हैं। हालांकि, उमेश गुप्ता ने नाम वापस लेकर पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाई है।
- अन्य प्रमुख खिलाड़ी: झामुमो ने उमेश ठाकुर, जेएलकेएम ने निमाई महतो और राजद ने साधु शरण गोप को समर्थन देकर मुकाबले को आर-पार की जंग बना दिया है।
अब मेयर की कुर्सी के लिए जो 31 सुरमा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, उनकी सूची इस प्रकार है-अविनाश कुमार, डॉ. परिंदा सिंह, उमेश ठाकुर, निमाई महतो, साधुशरण गोप, जमील अख्तर, अभय सिंह, अमर चौरसिया, अरविंद कुमार, अरविंद राय, अनिल कुमार वर्मा, एहसानउल्लाह शाह, गजेंद्र प्रसाद हिमांशु, गोपाल मुरारका, जयवीर सिंह, जवाहर प्रसाद, निधि कुमारी, पंकज कुमार राय, प्रदीप बर्मन, मो. फैजउद्दीन अंसारी, विनोद कुमार, भोलू पासवान, मो. रफीक अंसारी, राजकिशोर गोप, डॉ. राज कुमार, राज कुमार, रीतुरानी सिंह, विकास पांडेय, विनोद मंडल, सावित्री देवी और मो. सुलतान।
शनिवार को सिंबल मिलते ही चास की गलियों में जनसंपर्क और पोस्टर-बैनर की बाढ़ आ जाएगी। बागियों द्वारा काटे जाने वाले वोट ही इस चुनाव के अंतिम परिणाम को तय करेंगे।