
5 साल के संघर्ष के बाद झारखंड में चार अकादमियों के गठन को मंजूरी, 22 वरिष्ठ साहित्यकारों के सम्मान की घोषणा
रांची : झारखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति ने वर्ष 2026 के लिए राज्य के प्रतिष्ठित ‘स्मृति सम्मान’ की घोषणा कर दी है। इस वर्ष राज्यसभा सांसद और जानी-मानी साहित्यकार डॉ. महुआ माजी सहित झारखंड के 22 विभूतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि समिति के 5 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद झारखंड सरकार ने राज्य में चार प्रमुख अकादमियों (साहित्य, संगीत नाटक, ललित कला और जनजातीय भाषा अकादमी) के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
इस वर्ष संघर्ष समिति ने साहित्य, संस्कृति और भाषा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाले दिग्गजों की सूची जारी की है:
शीर्ष सम्मान:
- बिरसा मुंडा शिखर सम्मान: विद्याभूषण (रांची) – समग्र साहित्यिक योगदान के लिए
- दिशोम गुरु शिबू सोरेन स्मृति सम्मान: डॉ. महुआ माजी (रांची) – साहित्य एवं राजनीति के लिए
- बिनोद बिहारी महतो स्मृति सम्मान: डॉ. बी.एन. ओहदार (रामगढ़) – भाषा एवं संस्कृति संवर्धन के लिए
क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा सम्मान:
- शिवनाथ प्रमाणिक स्मृति सम्मान: डॉ. दिनेश दिनमणि (बोकारो) – खोरठा भाषा साहित्य
- पद्मश्री गिरधारी राम गोंझू स्मृति सम्मान: डॉ. शंकुतला मिश्रा (रांची) – नागपुरी भाषा साहित्य
- रघुनाथ मूर्मू स्मृति सम्मान: श्याम सी. टुडू (सिंहभूम) – संथाली भाषा साहित्य
- सृष्टिधर महतो स्मृति सम्मान: डॉ. वृन्दावन महतो (रांची) – कुड़मालि भाषा साहित्य
- जगन्नाथ महतो स्मृति सम्मान: डॉ. पराग किशोर सिंह (रांची) – पंचपरगनिया भाषा साहित्य
कथा, कविता एवं आलोचना सम्मान:
- राधाकृष्ण स्मृति सम्मान: जेब अख्तर (बेरमो) – कथा साहित्य
- डॉ. रामदयाल मुंडा स्मृति सम्मान: सुशील कुमार (दुमका) – कविता एवं पर्यावरण
- फादर कामिल बुल्के स्मृति सम्मान: कमल (रांची) – कथा एवं अनुवाद
- बी.पी. केशरी स्मृति सम्मान: डॉ. मिथिलेश (रांची) – आलोचना एवं संपादन
- भारत यायावर स्मृति सम्मान: अशोक सिंह (दुमका) – समकालीन कविता
इसके अतिरिक्त अन्य सम्मान हैं :
रघुनाथ महतो स्मृति सम्मान-वसंत जमशेदपुरी, जमशेदपुर को छंद काव्य रचना के लिए
कॉमरेड महेंद्र प्रसाद सिंह स्मृति सम्मान-रूपलाल बेदिया, धनबाद को कथा तथा वैचारिक लेखन के लिए
श्रवण कुमार गोस्वामी स्मृति सम्मान-श्यामल बिहारी महतो, बोकारो को हिंदी कहानी के लिए
रमणिका गुप्ता स्मृति सम्मान-सुषमा सिन्हा, धनबाद को हिंदी कविता के लिए
डोमन साहु समीर स्मृति सम्मान-चंद्रिका ठाकुर देशदीप, हजारीबाग को हिंदी एवं अंगिका भाषा साहित्य के लिए
जनार्दन गोस्वामी स्मृति सम्मान-डॉ. उत्तम पियूष, देवघर को हिंदी कविता के लिए
भाषामित्र सम्मान-राजेश पाठक, गोड्डा को कविता पुस्तक-पाण्डुलिपि के लिए
सुशीला सामद स्मृति सम्मान-शारदा प्रसाद, रामगढ़ को हिंदी भाषा साहित्य के लिए
भाषामित्र सम्मान-डॉ. कृष्णा गोप, हजारीबाग को झारखंडी भाषा संस्कृति के लिए.
समिति ने बताया कि विगत पांच वर्षों के निरंतर प्रयासों के बाद अब झारखंड में चार अकादमियों का गठन होगा। झारखंड राज्य साहित्य अकादमी, झारखंड राज्य संगीत नाटक अकादमी, झारखंड राज्य ललित कला अकादमी और झारखंड राज्य जनजातीय भाषा एवं साहित्य अकादमी। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में इस वर्ष प्रदेश सरकार का आभार ज्ञापन समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो ने कहा कि समिति द्वारा उन वरिष्ठ व विशिष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने उत्कृष्ट लेखन के साथ इस अभियान को गति देने में सक्रियता व सद्भावना प्रदर्शित किया है। साहित्यकारों का चयन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया गया है। जिसमें समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो, महासचिव नीरज नीर के साथ उपाध्यक्ष विनोद कुमार राज विद्रोही शामिल हैं।