रांची : झारखंड की उपराजधानी दुमका में इस बार पहली बार ऐसा होगा कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि जिला उपायुक्त फहरायेंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस वर्ष एक नया इतिहास बनने जा रहा है। राज्य स्थापना के बाद पहली बार ऐसा होगा जब दुमका में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि जिला उपायुक्त फहरायेंगे। 

परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में तिरंगा फहराते हैं, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के झारखंड में निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर विदेश दौरे पर होने के कारण यह परंपरा कायम नहीं रह सकेगी। वहीं, संथाल परगना प्रमंडलीय आयुक्त का पद भी पिछले लगभग तीन महीनों से रिक्त होने के कारण वैसी संभावना भी नहीं बन पा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष जिला उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इस तरह पुरानी परंपरा से अलग इस बार यह सौभाग्य जिला उपायुक्त को मिला है।

 पुलिस लाइन मैदान में आयोजित होने वाले इस सबसे बड़े राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। शनिवार को परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया, जिसमें उप विकास आयुक्त और पुलिस अधीक्षक ने तैयारियों का जायजा लिया।

इस वर्ष संथाल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों से कुल 15 प्लाटून परेड में भाग लेंगे। इसमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), आईआरबी और एनसीसी की टुकड़यिां भी शामिल होंगी। साथ ही 14 विभागों की आकर्षक झांकियां भी प्रदर्शित की जायेंगी। पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। यातायात व्यवस्था के लिए रूट लाइन तैयार की गई है और पुलिस लाइन मैदान में कुल तीन प्रवेश द्वार बनाये गये हैं, जिनमें वीआईपी के लिए अलग गेट की व्यवस्था की गयी है। कुल मिलाकर ऐसी तैयारियां की गई हैं कि कुछ कमी ना रह जाए।

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