पाकुड़ : पाकुड़ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी खेमे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सेना के मनोबल, अंतरराष्ट्रीय साजिशों और देश की बढ़ती आर्थिक शक्ति का जिक्र करते हुए कांग्रेस की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया।
सांसद ने संसद में पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर हुए विवाद पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सेना से जुड़े संवेदनशील विषयों पर राजनीति कर रहे हैं और तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे है। कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने सवाल किया कि 1962 के युद्ध में गंवाई गई जमीन पर आज भी स्पष्टीकरण की जरूरत है, लेकिन वर्तमान सेना की क्षमता पर सवाल उठाना गलत परंपरा है। सांसद ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर सीमाओं की सुरक्षा तक, डिफेंस फोर्सेज ने हमेशा देश का सिर ऊंचा किया है।
सांसद ने विदेशी निवेश और बाहरी प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। अंतरराष्ट्रीय निवेशक जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत की छवि धूमिल करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने कहा कि देश को कमजोर करने वाली मानसिकताओं के साथ किसी भी प्रकार की साठगांठ की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भारत की प्रगति का खाका खींचते हुए सांसद ने भविष्य के प्रति विश्वास जताया। उन्होंने दावा किया कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने की राह पर है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। साथ ही, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद का जिक्र किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इन गंभीर आरोपों पर सांसद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जानकारी दी कि संसद में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने मांग की कि देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है ताकि जनता के सामने सच आ सके।