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बोकारो : सेल ने लगातार तीसरी बार प्रतिष्ठित ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ (Great Place to Work) प्रमाणन हासिल किया है। भारत की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने फरवरी 2026 से फरवरी 2027 की अवधि के लिए यह उपलब्धि ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ संस्थान (भारत) द्वारा किए गए कंपनी-व्यापी मूल्यांकन के बाद प्राप्त की है। कार्यस्थल संस्कृति पर वैश्विक स्तर की विशेषज्ञ संस्था ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’, असाधारण कर्मचारी अनुभव प्रदान करने वाले संगठनों को कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिये सम्मानित करती है।

 यह मान्यता कार्यस्थल की एक ऐसी संस्कृति को संजोने की सेल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसने अपने ट्रस्ट इंडेक्स स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए यह प्रमाणन अर्जित किया है। मूल्यांकन के दौरान सकारात्मक प्रतिक्रिया देने वाले कर्मचारियों के प्रतिशत को दर्शाते हुए सेल उक्त संस्थान द्वारा आयोजित एक व्यापक सर्वेक्षण में प्रमाणन के मानकों पर खरा उतरा है।

सेल लगातार प्रगतिशील मानव संसाधन पहलों को  लागू कर रहा है, जिनमें नवीनतम ‘सेल दर्पण’  है, जो  पारदर्शी और प्रदर्शन-आधारित कार्यस्थल की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहाँ मूल्यांकन और लक्ष्य-निर्धारण वस्तुनिष्ठता को दर्शाते हैं और संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं। साथ ही, यह कर्मचारियों को अपने स्वयं के विकास की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाता है। एक अन्य प्रमुख पहल के तहत, सेल अग्रणी संस्थानों जैसे भारतीय प्रबंध संस्थान कोझिकोड, बैंगलोर, जम्मू, रायपुर, रांची और XLRI व ASCI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ हस्ताक्षरित एमओयू (MoUs) के माध्यम से विशेषज्ञों के लिए मार्केटिंग और एचआर जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और डोमेन-परिवर्तन के अवसर प्रदान कर रहा है।

इस प्रतिष्ठित प्रमाणन के प्राप्त होने पर सेल के सीएमडी अमरेंदु प्रकाश ने कहा, “हम सभी के लिए लगातार तीसरे वर्ष ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ प्रमाणन प्राप्त करना गर्व का क्षण है। यह मान्यता उस भरोसे का प्रतीक है जो हमारे कर्मचारी संगठन में रखते हैं और उस संस्कृति का प्रतिबिंब है जिसे हम सामूहिक रूप से बना रहे हैं।”

सेल सीएमडी ने गर्व के इस क्षण के लिए अपने कर्मचारियों का धन्यवाद किया है और कहा कि उनके सामूहिक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है। तीसरी बार यह सम्मान प्राप्त होना वह भी लगातार अपने आप में ऐतिहासिक है।

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