बोकारो : ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की स्थिति को परखने और उसे और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जल सेवा आकलन कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे सप्ताह में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) के सदस्यों के साथ विशेष बैठक एवं समूह चर्चा का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संबंधित पंचायतों के मुखिया ने की।
इस दौरान जल सेवा आकलन से जुड़े प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जलापूर्ति योजना किस प्रकार संचालित हो रही है, पानी आपूर्ति का समय क्या है, जल की गुणवत्ता कैसी है तथा ग्रामीणों को नियमित और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है या नहीं – इन सभी बिंदुओं पर समिति के सदस्यों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
जल सेवा आकलन के तहत तेनुघाट प्रमंडल की तीन पंचायतों में समूह चर्चा आयोजित की गई। इसमें पेटारवार प्रखंड के तेनुघाट पंचायत, गोमिया प्रखंड के कथारा पंचायत तथा नावाडीह प्रखंड के चिरूडीह पंचायत शामिल रहे।
इन पंचायतों में आयोजित चर्चाओं में वीडब्ल्यूएससी सदस्यों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और जलापूर्ति से संबंधित समस्याओं, चुनौतियों एवं समाधान के उपायों पर खुलकर बातचीत की।
इसी क्रम में चास प्रखंड के हैसाबातू एवं अन्य पंचायतों में भी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की समूह चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें जल सेवा आकलन के विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना, समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।