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बोकारो : जिला उद्योग केन्द्र, बोकारो द्वारा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत 22 जनवरी 2026 को जायका हैपनिंग के सभागार में “ Promotion of Women-Led Entrepreneurs ” विषय पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजेंद्र प्रसाद एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता उपस्थिति रही। उक्त कार्यशाला का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधा, कौशल विकास, स्टार्टअप समर्थन तथा उद्योग से जुड़ी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सफल महिला उद्यमियों के अनुभव साझा किए गए, जिससे उपस्थित महिलाओं को प्रेरणा मिली।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता को बढ़ावा देना न केवल सामाजिक समावेशन के लिए जरूरी है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजना और कार्यक्रम महिलाओं को अपने व्यवसाय को शुरू करने, उसे विस्तार देने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करते हैं।

वहीं, उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार द्वारा विभिन्न स्टालों का भी भ्रमण किया, जिसमें विभिन्न महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए विभिन्न सामानों को दर्शाया गया था, जिसे देखकर वे काफी संतुष्ट हुए।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना आर्थिक आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। RAMP कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव और उद्यम स्थापित करने से संबंधित जानकारी दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन महिला उद्यमियों के साथ निरंतर सहयोग करेगा और उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, और तकनीकी समर्थन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे स्वयं सहायता समूह (SHG), स्टार्ट-अप्स और महिला-उद्यमी नेटवर्क का पूरा लाभ उठाए और नई सोच के साथ व्यवसायों को आगे बढ़ाए । साथ ही उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रोत्साहन देकर हम ना केवल कार्यस्थल में समता ला सकते हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ा सकते हैं। उन्हें आशा है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर महिलाओं का आत्म-निर्भर बनना और आर्थिक रूप से मजबूत होना सुनिश्चित होगा। महिलाओं के पास अगर सही मार्गदर्शन, कौशल विकास और वित्तीय समर्थन हो, तो वे छोटे-बड़े सभी स्तरों पर अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकती है।

कार्यशाला में स्वागत संबोधन महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि महिला-नेतृत्व वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना न केवल व्यवसाय के अवसरों को बढ़ाता है बल्कि समग्र रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग केंद्र विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मार्केटिंग सलाह तथा उद्यमिता नेटवर्किंग के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिलाओं के पास अगर सही मार्गदर्शन, कौशल विकास और वित्तीय समर्थन हो, तो वे छोटे-बड़े सभी स्तरों पर अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकती हैं। उन्होंने उपस्थित महिला उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वह केंद्र की सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ और किसी भी सहायता के लिए विभाग से संपर्क करें।

उन्होंने यह भी बताया कि जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं, उद्यमी मीट-अप, और व्यापार मार्गदर्शन कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को अपने व्यवसाय की योजना बनाना, तकनीकी कौशल सीखना और विस्तृत बाजार तक पहुंचने में सहायता दी जाती है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक महिला उद्यमी को सशक्त और समर्थ बनाना। आज की कार्यशाला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सलाह, और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। हम चाहते हैं कि महिलाएँ आत्म-निर्भर बनें, अपने कौशल का उपयोग करते हुए रोजगार उत्पन्न करें, और सामाजिक-आर्थिक प्रगति में अपनी भागीदारी बढ़ाएं महिलाओं के आत्म-विश्वास और नवाचार को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है।

कार्यशाला में निदेशक आर्सेटी श्री सुमन एक्का, मैनेजर श्री विकास प्रकाश,  कंसल्टेंट jidco ईशा कुमारी, जिला उद्योग केंद्र के किशोर रजक सहित अन्य उपस्थित थे।

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