अब स्वास्थ्य केंद्र का इलाज कौन करे
हजारीबाग के केरेडारी स्वास्थ्य केंद्र में टॉर्च की रोशनी में महिला की सर्जरी का विडियो जब से आया है लोग स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य मंत्रालय पर ही सवाल उठाने लगे हैं। ऐसा नहीं है कि झारखंड में प्रतिभाओं की कमी है, फिर भी इतनी प्रतिभा भी अब खलने लगी है और और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सिस्टम पर सवाल उठा दिया है।
उल्लेखनीय है कि छह दिन पहले बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिस वीडियो में केरेडारी स्वास्थ्य केंद्र के ऑपरेशन थियेटर में गहने अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के बीच एक महिला का परिवार नियोजन से जुड़ी सर्जरी करते हुए दिखाया गया था। उल्लेखनीय यह भी है कि उक्त महिला के सर्जरी का विडिओ भी एक महिला ने ही बनाया था और अब उस विडिओ बनाने वाली महिला को फोन पर धमकी मिल रही है और नौकरी छीनने की बात भी हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को लेकर हजारीबाग पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और इस संबंध में उक्त महिला को दी जा रही धमकी का औडियो क्लिप भी जारी किया है।
बाबूलाल मरांडी ने X पर लिखा कि केरेडारी स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली उजागर करने वाली महिला को बड़े अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री के इशारे पर डराया जा रहा है, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस अधिकार से कोई व्यक्ति महिला की नौकरी छीनने की धमकी दे रहा है? बाबूलाल मरांडी ने साफ कहा है कि भाजपा इस अन्याय के खिलाफ जरूरत पड़ी तो न्यायालय तक जायेगी।
जबकि अभी दो दिन पूर्व ही झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने धनबाद में कहा था कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झारखंड अब मेडिकल हब बनने जा रहा है। यहां ढेर सारे मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। और यह भी कहा गया था कि एक कानून ला कर यह प्रावधान भी लाया जा रहा है कि झारखंड से एमबीबीएस करने वालों को पहले पांच साल सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य सुधारने के लिए चाहे जो कर ले कहीं न कहीं से ऐसे कारनामों से स्वास्थ्य केंद्रों के अस्वस्थ होने की झलक मिल ही जाती है और लोग इस पर सियासी सवाल उठाने लगते हैं।