पटना : बिहार की राजनीति में महाभारत के पात्रों के जरिए शुरू हुई जुबानी जंग अब कलाकारों के बीच टकराव का केंद्र बन गई है। मैथिली ठाकुर के तीखे वार पर भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने कड़ा ऐतराज जताया है।
अलीपुर से नई नई बीजेपी विधायक बनी लोक गायिका मैथिली ठाकुर द्वारा लालू-तेजस्वी की तुलना महाभारत के पात्रों से किए जाने पर भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव ने जोरदार पलटवार किया है।
तेजस्वी यादव के समर्थन में उतरते हुए खेसारी लाल यादव ने मैथिली ठाकुर की समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कम उम्र में बड़ी उपलब्धि मिल जाने पर इंसान अक्सर अपनी मर्यादा और संस्कार भूल जाता है। राजनीति में देश-दुनिया की जानकारी रखने वाले पढ़े-लिखे लोगों की जरूरत है।
खेसारी के अनुसार, तेजस्वी यादव एक सुलझे हुए इंसान हैं और लालू यादव उनके पिता तुल्य हैं। किसी के परिवार और व्यक्तित्व पर इस तरह की भाषा का प्रयोग शोभा नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि मैथिली भी एक कलाकार हैं, इसलिए वे उन पर कोई और व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें अपनी इंसानियत जिंदा रखनी चाहिए।
पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर ने विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान 2005 से पहले के बिहार (जंगलराज) का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र को हस्तिनापुर की नहीं बल्कि दुर्योधन की चिंता थी। उन्होंने लालू यादव के पुत्र मोह की तुलना धृतराष्ट्र के मोह से की। मैथिली ने एक कहानी सुनाते हुए मैथिली भाषा में कहा कि पहले महिलाएं बच्चों को शाम 5-6 बजे के बाद बाहर निकलने से मना करती थीं क्योंकि हालात ठीक नहीं थे।
सदन में इस टिप्पणी के बाद तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर मैथिली ठाकुर की तस्वीर साझा करते हुए बिना नाम लिए कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही खुद को राजनीति का पूर्ण ज्ञानी समझने का भ्रम पाल लेते हैं।