बोकारो : बोकारो के सेक्टर 04 स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रविवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती (महाशिवरात्रि महोत्सव) का, जहां भक्ति और ध्यान के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आत्मिक शांति की अनुभूति की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें उपायुक्त अजय नाथ झा, मुख्य अतिथि और बीएसएल के महाप्रबंधक ए.के. सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि ईश्वर ने हमें जीवन का जो भी समय दिया है, उसका उपयोग निरंतर आगे बढ़ने और आत्मिक उन्नति के लिए करना चाहिए।

उन्होंने जीवन की भागदौड़ के बीच सुकून की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान प्राप्ति के दो रास्ते हैं— एक पुस्तकीय ज्ञान और दूसरा संसर्ग मार्ग। भक्ति इन दोनों का संतुलन बनाती है।
केंद्र प्रभारी कुसुम देवी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव निराकार और ज्योति स्वरूप हैं, जो सभी आत्माओं के पिता हैं। परमात्मा शिव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में विभिन्न रूपों और नामों से पूजे जाते हैं। शिव की साधना ही परम शांति और कल्याण का एकमात्र मार्ग है।
महोत्सव के दौरान पूरा परिसर शिव की महिमा से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर ध्यान लगाया और भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त की। ब्रह्मकुमारी संस्थान के कार्यकर्ताओं ने शिव की पूजा के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया और शिव की पूजा एवं ध्यान का महत्व बताया. इस अवसर पर उपस्थित सभी भक्तों ने सामूहिक ध्यान, भजन संकीर्तन, और साधना में हिस्सा लिया.
मौके पर विशिष्ट अतिथि, महाप्रबंधक बीएसएल ए के सिंह ने भी अपना वक्तव्य रखा. महोत्सव का समापन शिव की पूजा अर्चना, भजन गायन और सामूहिक साधना से हुआ. इस दौरान सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने मन, वचन और क्रिया से शिव के प्रति अपनी भक्ति और आस्था व्यक्त की.