पुणे: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का 6 जनवरी 2026 को 81 वर्ष की आयु में पुणे स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।  कलमाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष भी थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था. 

सुरेश कलमाड़ी महाराष्ट्र की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम थे। वह पुणे से कई बार लोकसभा सांसद रहे और उन्होंने केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। कांग्रेस पार्टी में उनकी गिनती प्रभावशाली नेताओं में होती थी। भारतीय खेल जगत के प्रशासक के तौर पर बड़ी उपलब्धियां मिली थीं। वह 1995-96 में नरसिम्हा राव सरकार में मंत्री भी रहे। वह भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे और देश में खेलों के आयोजन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भागीदारी को लेकर कई अहम फैसलों का हिस्सा बने।

कलमाड़ी ने 1960 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में दाखिला लिया और फिर         भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में भर्ती हुए। उन्होंने छह साल तक वायु सेना में सेवाएं दीं और फिर 1974 तक दो साल तक एनडीए में ट्रेनर रहे। उन्होंने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में भाग लिया। संजय गांधी उन्हें राजनीति में लेकर आए थे। तब वह पुणे में फास्टफूड आउटलेट चलाते थे। कलमाड़ी ने कुछ समय के लिए महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का नेतृत्व किया और फिर 1982 में राज्यसभा सांसद बने। 1996 में कलमाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बने और लगातार दो चार-वर्षीय कार्यकालों के लिए निर्विरोध चुने जाने के साथ ही उन्होंने अपना दबदबा कायम कर लिया।
सुरेश कलमाड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनके निधन पर कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने उन्हें एक अनुभवी राजनेता और सार्वजनिक जीवन के प्रति समर्पित व्यक्ति बताया। खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रमंडल खेल (CWG) 3 से 14 अक्टूबर 2010 तक दिल्ली में आयोजित हुए थे। इस आयोजन ने दिल्ली की सूरत बदल दी थी, लेकिन शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाले की आग कलमाडी तक भी पहुंची। इस दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उनके घर पर सीबीआई ने छापा भी मारा था। हालांकि पिछले साल सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।

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