पटना : लालू के लाल तेजप्रताप यादव इस बार मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही का भोज आयोजित कर रहे हैं। तेजप्रताप यादव विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल (JJD) के रूप में नई पार्टी बनाकर उतरे थे। लेकिन उनकी जनशक्ति शक्तिहीन साबित हुई। यहाँ तक कि तेजप्रताप यादव खुद भी महुआ से चुनाव हार गए। लेकिन जो भी हो वे अपनी बनाई पार्टी जेजेडी के अध्यक्ष हैं और मकर संक्रांति चूड़ा-दही का भोज आयोजित करने को लेकर चर्चा में हैं। इसके पूर्व तेजप्रताप यादव के पिता लालू प्रसाद यादव मकर सक्रांति पर इस परंपरा को निभाते रहे थे, लेकिन इस मकर सक्रांति उनके द्वारा दही-चुडा भोज को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में बिहार की राजनीति में इस मकर संक्रांति लगता है कुछ खास होने वाला है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल की ओर से महाभोज का ऐलान किया है। तेजप्रताप की कोशिश है कि वह पिता लालू यादव की तरह ही चूड़ा-दही भोज कराएं।
तेजप्रताप यादव पिछले एक सप्ताह से लगातार बिहार के तमाम बड़े नेताओं से मिलकर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दे रहे हैं। वह अबतक राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री और आरएलएम नेता दीपक प्रकाश, मंत्री और हम अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, मंत्री मदन सहनी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, मंत्री श्रीमती लेशी सिंह समेत कई नेताओं को आमंत्रण पत्र खुद अपने हाथों से दे चुके हैं।
जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव पटना में पत्रकारों के एक सवाल पर तिलमिला गए। दरअसल, पत्रकारों ने तेजप्रताप यादव से सिर्फ इतना पूछा था कि ‘आप सभी दलों के नेताओं को मकर संक्रांति के चूड़ा-दही भोज में आमंत्रित कर रहे हैं, तो क्या आप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करने जाएंगे?’ इतना सुनना था कि तेजप्रताप यादव तिलमिला गए और रोष में कहा कि सब जगह जाएंगे, आपको क्यों बेचैनी है। आप लोगों को भी बुलाएंगे। जाकर चलाइए न्यूज़.’