
विधानसभा अध्यक्ष के गुस्सा होने पर विधायक आराधना मिश्र ने कहा “अध्यक्ष जी आप मुस्कुराते हुए ही अच्छे लगते हैं”
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन काफी हंगामेदार और चर्चाओं से भरा रहा। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रवाद, अर्थव्यवस्था और अनुशासन पर विपक्ष को जमकर घेरा, वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के गुस्से ने सदन में हलचल पैदा कर दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रगीत के सम्मान पर सख्त टिप्पणी की। सीएम ने कहा कि जो लोग हिंदुस्तान का अन्न खाते हैं लेकिन ‘वंदे मातरम’ गाने से परहेज करते हैं, उन्हें यहां रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने ऐसे तत्वों को “कान पकड़कर बाहर करने” की बात कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के तीर्थ स्थलों के विकास से केवल एक जाति नहीं, बल्कि समाज का हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि पुजारी भले ही ब्राह्मण हो, लेकिन टैक्सी चलाने वाले और फूल बेचने वाले हर वर्ग के लोग वहां रोजगार पा रहे हैं।
सीएम ने पिछले 9 वर्षों की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह “अपराध से अनुशासन” और “समस्या से समाधान” की सफल यात्रा रही है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेता माता प्रसाद पांडेय और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के बीच हुई तीखी बहस पर चुटकी ली। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि ऐसा लगता है जैसे संजय निषाद ने माता प्रसाद जी के तालाब का भी पट्टा करा लिया है, इसलिए दोनों के बीच इतनी रंजिश दिख रही है।
सदन में एक दुर्लभ दृश्य तब देखने को मिला जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अपनी ही पार्टी (भाजपा) की विधायक केतकी सिंह पर भड़क गए। विधायक की बार-बार की टोका-टोकी से नाराज अध्यक्ष ने अपना हेडफोन निकालकर फेंक दिया और कहा, “बैठिए, सदन चलाना मेरा काम है।” इसके बाद उन्होंने कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
सदन दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने माहौल को हल्का करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि “अध्यक्ष जी मुस्कुराते हुए ही अच्छे लगते हैं” और वित्त मंत्री से उन्हें मनाने के लिए शायरी सुनाने का अनुरोध किया।