चाईबासा : चाईबासा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस मुठभेड़ में झारखंड का चर्चित और दुर्दांत नक्सली पतिराम माझी उर्फ अनल दा मारा गया है। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में अनल दा के साथ 10 अन्य नक्सली भी मारे गए हैं। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी हुई। आखिरकार सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को घेर लिया। जंगल में हुए ताबड़तोड़ एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें से 11 नक्सलियों की शिनाख्त हो चुकी है। मारे गये नक्सलियों में शीर्ष माओवादी नेता मोस्ट वांटेड दुर्दांत अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है। उस पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए को मिलाकर दो करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों और विस्फोट की घटनाओं में उसी के दस्ते की अहम भूमिका रही है। इसके अलावा मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिन्टु लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पुर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें महिला कैडर भी हैं, जो संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही थीं। मुठभेड़ आज यानी गुरुवार को भोर के करीब साढ़े छह बजे किरीबुरू थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में हुई।
झारखंड की DGP तदाशा मिश्रा से नक्सलियों, स्प्लिंटर और अपराधियों की कमर की रीढ़ तोड़ देने की खुली छूट मिलने के बाद IG अभियान माइकल राज की देखरेख में झारखंड पुलिस का इकबाल बुलंद है।
चाईबासा एसपी अमित रेणु को गुप्त सूचना मिली थी कि अनल दा अपने शीर्ष नक्सली दस्ते के साथ सारंडा के जंगल में सक्रिय है। सूचना मिलते ही झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, 209 कोबरा और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम बनाई गई। बुधवार देर रात सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे संयुक्त बलों का सामना नक्सलियों से हुआ। इसके बाद जंगल के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जबकि सुरक्षा बलों ने पूरी रणनीति और संयम के साथ जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिली है। मारे गए नक्सलियों में अनल के अलावा अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें कई महिला कैडर भी थीं, जो संगठन में अहम जिम्मेदारियां संभाल रही थीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क पर सीधा और गहरा प्रहार है। आईपीएस अमित रेणु के जिले की कमान संभालते ही यह अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है। लगातार दबाव के चलते नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हुई हैं और उनका सांगठनिक ढांचा कमजोर पड़ा है।
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से साफ शब्दों में कहा है कि हथियार छोड़ें और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लें। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।