बोकारो:  बोकारो के सिटी सेंटर स्थित तनिष्क शोरूम में 11जनवरी को हुई वारदात केवल एक लूट का प्रयास नहीं, बल्कि बोकारो पुलिस की साख के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए एसपी हरविंदर सिंह ने जिस ‘स्पेशल टीम’ का गठन किया, उसने साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक और जज्बे के आगे अपराधी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सिटी डीएसपी आलोक रंजन के रणनीतिक नेतृत्व में एक जांबाज टीम उतारी। इस मिशन को सफल बनाने के लिए जिले के सबसे तेज-तर्रार अधिकारियों को एक साथ लाया गया। मुख्य कमान सेक्टर-4 थाना प्रभारी संजय कुमार को सौंपा गया जबकि सहयोगी बल में  बीएस सिटी, हरला, सेक्टर-12 और बालीडीह थाना की पुलिस थी और इस पूरे अभियान में रीढ़ की हड्डी साबित हुए तकनीकी शाखा के विशेषज्ञ।

अपराधियों को पकड़ने का यह ऑपरेशन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। टीम ने दिन-रात एक कर जांच को दो मुख्य दिशाओं में मोड़ा। शहर के सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगालकर अपराधियों के भागने के सटीक रूट को ट्रैक किया गया। तकनीकी शाखा ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डेटा के जरिए यह कन्फर्म किया कि अपराधियों के तार बिहार के बेगूसराय से जुड़े हैं। अधिकारियों ने कई रातों की नींद त्यागकर अपराधियों के मूवमेंट पर नजर रखी। जैसे ही लोकेशन बेगूसराय में स्थिर हुई, टीम ने बिना समय गंवाए दबिश दी और अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

एसपी ने संदेश दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता। हमारी टीम ने आपसी समन्वय और तकनीकी कौशल का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

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