मेदिनीनगर। झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून की नियमावली को मंजूरी दिए जाने पर पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने झारखंड सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के 29 वर्षों पुराने सपने के साकार होने जैसा है। यह फैसला अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। पेसा नियमावली लागू होने से ग्राम सभाओं को भूमि अधिग्रहण, खनन लाइसेंस, शराब की बिक्री और स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वास्तविक अधिकार प्राप्त होंगे।
बिट्टू पाठक ने कहा कि झारखंड के 25 वें स्थापना वर्ष में लिया गया यह निर्णय राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार की सराहना करते हुए इसे जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया। पेसा कानून के निर्माण में स्वर्गीय बंदी उरांव के योगदान को याद करते हुए बिट्टू पाठक ने कहा कि उनके अथक प्रयास और दूरदर्शिता के बिना यह कानून इतना व्यापक और प्रभावी स्वरूप नहीं ले पाता। उन्होंने कहा कि बंदी उरांव का समर्पण और बलिदान आज भी प्रेरणा का स्रोत है। पेसा कोई विभाजनकारी कानून नहीं है, बल्कि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम है। इससे आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के साथ-साथ स्थानीय विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान और वरिष्ठ नेता शशि भूषण राय भी उपस्थित रहे और सरकार को बधाई दी।