मां की गोद में लौटी खुशियां

धनबादः  धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) से शनिवार की रात चोरी हुए नवजात शिशु को धनबाद पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अस्पताल के एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी सहित कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

झारखंड के धनबाद में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से चोरी हुए नवजात बच्चे का पुलिस ने महज 12 घंटे में पता लगाकर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दिलाई। मामला रविवार को सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ईस्ट बसूरिया में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अस्पताल की आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी और महिला ने बड़ी रकम के लालच में इस घटना अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध बच्चा चोर गिरोह से भी है। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार, टुंडी थाना क्षेत्र के मनियाडीह स्थित भेलोई (भेलवे) गांव निवासी शालिग्राम मरांडी ने 24 दिसंबर को अपनी पत्नी सरिता मरांडी को प्रसव के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया था। 25 दिसंबर को सरिता ने एक पुत्र को जन्म दिया। रात को प्रसूति वार्ड में नर्स के वेश में एक महिला नवजात की जांच कराने के बहाने वार्ड से ले गई और फिर बाहर निकल गई, वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार और तलाश के बाद जब बच्चा नहीं मिला तो परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नवजात की चोरी की खबर मिलने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

सूचना मिलने पर सरायढेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। बाद में, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने धनबाद के ईस्ट बसूरिया और भूली के रेगुनी इलाके में छापेमारी की। देर रात की गई इस कार्रवाई में नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। साथ ही, पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी मोहम्मद हासिम को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि बच्चे की चोरी के बदले आरोपियों को पैसे का भुगतान किया जा चुका था। फिलहाल नवजात को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे मां को सौंपने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस पूरे गिरोह में शामिल दो अन्य लोगों की तलाश जारी है। मामले में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से परिवार को तत्काल राहत मिली है और पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे गंभीर मामलों में कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।

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