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गुरुजी के जन्मदिन पर बोकारो में भी हुए कई कार्यक्रम

बोकारो : दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जन्म दिन पर राज्य भर में ढेर सारे कार्यक्रम आयोजित किए गए। उसी क्रम में चास बोकारो के रामरुद्रा +2 स्कूल में भी एक कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर उपस्थित माननीय मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, योगेन्द्र प्रसाद ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में मास्टर सोबरन मांझी जिला पुस्तकालय एवं गुरुजी रात्रि पाठशाला का शुभारंभ बोकारो जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति उनके माता-पिता ने जो सपने देखे हैं, यह पहल उन्हें साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पुस्तकालय एवं पाठशाला शिक्षा के क्षेत्र में जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मानवशास्त्र विशेषकर विश्वस्तर पर आदिवासी जन जीवन के अध्ययन पर केंद्रीत 24*7 गुरुजी रात्रि पाठशाला का शुभारंभ किया गया है। इस पुस्तकालय में देश भर से छात्र अध्ययन हेतु आएंगे। यह परियोजना कई चरणों में पूर्ण की जाएगी। प्रथम चरण की शुरुआत आज की गई है।

उपायुक्त ने बताया कि फिलहाल गुरुजी रात्रि पाठशाला का संचालन रात्रि 08 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोकारो की पहचान शिक्षा एवं अकादमिक गतिविधियों में और अधिक सशक्त हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह कृत संकल्पित एवं प्रतिबद्ध है।

यह विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने, शोध परक ज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने एवं व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जानकारी हो कि, इसकी लागत दो करोड़ तीन लाख रुपए है तथा कुल 250 छात्र-छात्रा एक साथ पढ़ सकेंगे। 02 तल्लो में निर्मित इस पुस्तकालय में कांफ्रेंस हॉल भी उपलब्ध है ।

वहीं, आज से बोकारो जिला में गुरुजी वाद विवाद प्रतियोगिता सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शुरू किया गया जिसका विषय नशामुक्ति है। इसके विजेताओं को आगामी 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा ।

गुरुजी के जाम दिन पर हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री द्वारा चास नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सोलगडीह स्थित बाबा वैद्यनाथ वृद्ध सेवा आश्रम के समीप ‘गुरूजी वाटिका ’का भी उद्घाटन किया गया। यह वाटिका  सम्मानित वृद्धजनों को समर्पित एक शांत,  सुरक्षित और हरित स्थल है, जहां वे प्राकृतिक वातावरण में समय व्यतीत कर सकेंगे तथा प्रातः एवं संध्या भ्रमण कर अपने स्वास्थ्य और मन को सशक्त बना सकेंगे।

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