मोबाइल की लत भी मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है
बोकारो : 20 जनवरी, 2026 को सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद के निर्देशन में सेक्टर 12 स्थित पेन्टाकास्टल असेम्बली स्कूल बोकारो में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की प्राचार्या डॉ करूणा प्रसाद के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के डॉ प्रशान्त कुमार मिश्रा मनोरोग चिकित्सक सदर अस्पताल बोकारो, मो असलम जिला परामर्शी तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम बोकारो एवं छोटेलाल दास सोशल वर्कर ने भाग लिया। जिला परामर्शी मो असलम द्वारा सभी बच्चों को तम्बाकू के दुष्परिणाम, तम्बाकू में पाए जाने वाले जहरीले तत्व, तम्बाकू प्रयोग से स्वास्थ्य पर दीर्घ अवधी परिणाम, सेकेंड हैंड स्मोक व उससे होने वाले नुकसान, तम्बाकू नशा मुक्ति केन्द्र व तम्बाकू छोडने के उपाय एवं तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के मुख्य बिन्दुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। जिला परामर्शी ने बताया कि तम्बाकू जनित रोगों से झारखण्ड में प्रत्येक वर्ष 35000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है।
मनोचिकित्सक सदर अस्पताल डॉ प्रशान्त कुमार मिश्रा ने बताया कि तनाव क्या है? इसके प्रकार जैसे सकारात्मक तनाव व नकारात्मक तनाव के बारे में जानकारी दी गई। डॉ मिश्रा द्वारा बताया गया कि सकारात्मक तनाव हमें समस्याओं का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। सभी छात्रों को बताया गया कि तनाव के मुख्य कारण पढाई में अव्वल आना, आर्थिक तंगी होना, नींद न आना, पारिवारिक समस्या होना, दैनिक परेशानियां हैं। उनके द्वारा सभी बच्चों को बताया गया मोबाइल की लत भी मानसिक स्वास्थ्य पर एक बहुत ही बडा प्रभाव डालता है। साथ ही बताया गया कि यदि आपको यह शारीरिक लक्षण महसूस हो जैसे थकान, सिरदर्द, नींद के पैटर्न में बदलाव, पाचन में बदलाव, खटटी डकार आना, सांस फूलना, भ्रम की स्थिति, निर्णय लेने मे कठिनाई व आत्म विश्वास की कमी महसूस हो तो आप समझ सकते है कि आपको मानसिक तनाव है। उन्होंने सभी बच्चों व शिक्षको को बताया कि हम अपने आपको को तनाव से मुक्त रखने के लिए क्या तरीका अपना सकते है। इसके लिए सुगंध का सहारा लें, गर्म पानी से नहायें, नशे का सेवन बिल्कुल नही करें, योग करे, टाईम मैनेजमेन्ट के अनुसार कार्य करें, अपनी सीमाओं को समझें, बहसबाजी न करे, चाय काफी का सेवन कम करें आदि।
साथ ही बताया कि तनाव से आजकल हर कोई ग्रसित है। सभी शारीरिक और मानसिक परेशानियों का जड़ तनाव ही है। एक सामान्य सा लगने वाला तनाव भी कई बीमारियों को जन्म देता है जिससे छुटकारा पाना आसान नही होता है इस लिए छोटी छोटी बातो को मन पर हावी न होने दें।
कार्यक्रम के अन्त में स्कूल प्राचार्या डॉ करूणा प्रसाद के द्वारा बच्चों को तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाए रखने के लिए बच्चों की क्या भूमिका है इस पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक मोहन कुमार मिश्रा, अमित कुमार साव एवं अन्य स्कूल शिक्षक व बच्चे उपस्थित थे।