धर्मेंद्र को पद्म विभूषण सहित कुल 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान
नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कार की सूची में पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं हैं, जबकि इस सूची में विदेशी नागरिकों, अनिवासी भारतीयों, भारतीय मूल के व्यक्तियों और भारत के प्रवासी नागरिकों) की श्रेणी में छह लोग भी शामिल हैं, साथ ही 16 लोगों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है।
दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को एवं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता वी. एस. अच्युतानंदन को वर्ष 2026 के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। लोक कार्यों के क्षेत्र में योगदान के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के. टी. थॉमस, कला के क्षेत्र में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका और वायलिन वादक एन. राजम, तथा साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा।
पद्म भूषण पाने वालों में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, मशहूर अभिनेता मम्मूटी और उद्योगपति-बैंकर उदय कोटक प्रमुख हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन और भाजपा नेता वी. के. मल्होत्रा को भी पद्म भूषण दिया गया है।
इन 13 को पद्म भूषण सम्मान
- अलका याग्निक कला (महाराष्ट्र)
- भगत सिंह कोश्यारी- लोक कार्य (उत्तराखंड)
- डॉ. कालीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी- चिकित्सा (तमिलनाडु)
- मम्मूटी- कला (केरल)
- डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु- चिकित्सा (संयुक्त राज्य अमेरिका)
- पीयूष पांडे (मरणोपरांत)- कला (महाराष्ट्र)
- एस. के. एम. माइलानंदन- सामाजिक कार्य (तमिलनाडु)
- शतावधानी आर. गणेश- कला (कर्नाटक)
- शिबू सोरेन (मरणोपरांत)- लोक कार्य (झारखंड)
- उदय कोटक-व्यापार एवं उद्योग (महाराष्ट्र)
- वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत)- लोक कार्य (दिल्ली)
- वेल्लापल्ली नटेशन- लोक कार्य (केरल)
- विजय अमृतराज- खेल (संयुक्त राज्य अमेरिका)
इन पांच को पद्म विभूषण
- धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) कला (महाराष्ट्र)
- के. टी. थॉमस लोक कार्य (केरल)
- एन. राजम कला (उत्तर प्रदेश)
- पी. नारायणन साहित्य एवं शिक्षा (केरल)
- वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत-लोक कार्य (केरल)
पद्म सम्मान पाने वाली की सूची
- अंके गौड़ा (कर्नाटक)
- आर्मिडा फर्नांडिस (महाराष्ट्र)
- भगवान दास रैकवार (मध्य प्रदेश)
- भिकल्या लाडक्या धिंडा (महाराष्ट्र )
- बृजलाल भट्ट (जम्मू-कश्मीर)
- बुधरी ताती (छत्तीसगढ़ )
- चरण हेम्ब्रम (ओडिशा)
- चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश)
- धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या (गुजरात)
- कुमारस्वामी थंगराज (तेलंगाना)
- पद्मा गुरमेट (जम्मू कश्मीर)
- पुन्नियामूर्ति नटेसन (तमिलनाडु)
- श्याम सुंदर (उत्तर प्रदेश)
- गफरुद्दीन मेवाती जोगी (राजस्थान)
- हैली वार (मेघालय)
- इंदरजीत सिंह सिद्धू (चंडीगढ़)
- के. पाजनिवेल (पुडुचेरी)
- कैलाश चंद्र पंत (मध्य प्रदेश)
- खेमराज सुंदरियाल (हरियाणा)
- कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी (केरल)
- महेंद्र कुमार मिश्रा (ओडिशा)
- मीर हाजीभाई कासमभाई (गुजरात)
- मोहन नागर (मध्य प्रदेश)
- नरेश चंद्र देव वर्मा (त्रिपुरा)
- निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला (गुजरात)
- नूरुद्दीन अहमद (असम)
- ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन (तमिलनाडु)
- पोखिला लेकथेपी (असम)
- आर. कृष्णन (तमिलनाडु)
- रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले (छत्तीसगढ़)
- रघुपत सिंह (उत्तर प्रदेश)
- रघुवीर तुकाराम खेड़कर (महाराष्ट्र)
- राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर (तमिलनाडु)
- रामा रेड्डी मामिडी (तेलंगाना)
- एस. जी. सुशीला अम्मा (कर्नाटक)
- सांग्युसांग एस. पोंगेनर (नागालैंड)
- शफी शौक (जम्मू कश्मीर)
- श्रीरंग देवबा लाड (महाराष्ट्र)
- सिमांचल पात्रो (ओडिशा)
- सुरेश हनगावड़ी (कर्नाटक)
- तगा राम भील (राजस्थान)
- तेची गुबिन (आंध्र प्रदेश )
- तिरुवारूर भक्तवत्सलम (तमिलनाडु)
- विश्व बंधु (बिहार)
- युमनाम जात्रा सिंह (मणिपुर)
पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में इनका नाम भी है शामिल
मध्य प्रदेश के बुंदेली युद्ध कला प्रशिक्षक भगवानदास रायकवार, महाराष्ट्र के 90 वर्षीय आदिवासी तारपा वादक भीकल्या लड़क्या ढिंडा (जो लौकी और बांस से बना एक वाद्य यंत्र है), और जम्मू और कश्मीर के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता बृज लाल भट का नाम भी इस सम्मानित सूची में शामिल है।
इस लिस्ट में मुंबई की बाल रोग विशेषज्ञ आर्मिडा फर्नांडिस भी शामिल हैं, जिन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया, जिससे शिशुओं के जीवित रहने की संभावनाओं में सुधार हुआ है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर से ‘गुमनाम नायकों’ की श्रेणी में पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने गए 45 ‘शख्सियत’ में विश्व का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने वाले एक पूर्व बस कंडक्टर, एशिया का पहला मानव दूध बैंक बनाने वाले एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक 90 वर्षीय दुर्लभ वाद्य यंत्र वादक शामिल हैं।
कभी बस कंडक्टर रहे अंके गौड़ा ने दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय ‘पुस्तक माने’ स्थापित किया, जिसमें 20 भाषाओं में 20 लाख से अधिक पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियां शामिल हैं। कर्नाटक के मैसूरु के पास हरलाहल्ली गांव के 75 वर्षीय पुस्तक प्रेमी को पूरे भारत में शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने के उनके अनूठे प्रयास के लिए पद्म श्री के लिए चुना गया है।
मध्य प्रदेश के भगवादास रायकवार और जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट को गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के बुदरी थाटी और ओडिशा के चरण हेम्ब्रम को भी पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में उत्तर प्रदेश से चिरंजी लाल यादव, गुजरात से धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या का नाम भी शामिल हैं। कर्नाटक के अंके गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा।