
रांची : झारखंड के गौरव और भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन की हाल ही में हुई मुलाकात ने राज्य के प्रशासनिक और खेल गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि इसके पीछे झारखंड के विकास से जुड़े गहरे संकेत छिपे हैं।
सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार धोनी को ‘झारखंड पर्यटन’ का ब्रांड एंबेसडर बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उनकी वैश्विक पहचान का लाभ उठाकर राज्य के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना है।
चर्चा का मुख्य बिन्दु राज्य में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और युवाओं को पेशेवर खेलों से जोड़ना भी रहा। यह अचानक की मुलाकात कैसे और क्यों हुई इस पर राज्यभर की निगाहें लगी हुई हैं।
लेकिन इसके तो संकेत मिल ही गए हैं कि झारखंड सरकार पिछले काफी समय से धोनी के अनुभव को राज्य की प्रगति से जोड़ने की कोशिश में थी,अब उसकी ही पहल हो रही है। मुख्यमंत्री ने पहले भी विश्व आर्थिक मंच (दावोस) में धोनी का जिक्र करते हुए उन्हें झारखंड की ‘स्पोर्टिंग लीगेसी’ का प्रतीक बताया था।
माही के जुड़ने से झारखंड के पर्यटन स्थलों को ग्लोबल मार्केटिंग मिलेगी। धोनी के मार्गदर्शन में राज्य में वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स एकेडमी बनने की राह आसान हो सकती है। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर संसाधन और प्रेरणा मिलेगी।
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक इसे एक शिष्टाचार भेंट ही बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात जल्द ही झारखंड के लिए किसी बड़े प्रोजेक्ट की नींव साबित हो सकती है। विश्व आर्थिक मंच से लौटने के बाद मुख्यमंत्री उन अनुभवों और निवेश को झारखंड के विकास से जोड़ना चाहते हैं।