बोकारो : अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में बोकारो के मजदूर मैदान में आयोजित इस्पातांचल स्वदेशी मेला के मंच पर एक शानदार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। डॉ. परमेश्वर लाल वर्णवाल की अध्यक्षता में हुए इस कवि सम्मेलन में साहित्यकारों ने स्वदेश प्रेम और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी रचनाओं का पाठ किया। डॉ. वर्णवाल ने स्वदेशी मन स्वदेशी सामान के जरिए स्वदेशी उत्पादों के प्रति जनता के लगाव को रेखांकित किया। वहीं कवयित्री आंचल ने मां शारदे की वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवि सम्मेलन में कवयित्री गीता कुमारी गुस्ताख ने गजल ‘जग छूटता नहीं’ से तालियां बटोरी। डॉ. रेणुका सिन्हा ने स्वदेशी की शक्ति, ब्रह्मानंद गोस्वामी की मन में स्वदेशी तन में स्वदेशी और गंगेश कुमार पाठक ने रोम रोम में राम बसे हैं जैसी रचनाओं का पाठ किया। अन्य रचनाकारों में अनिता किरण, दीनानाथ ठाकुर, डॉ. रंजना श्रीवास्तव, दयानंद सिंह, कुमकुम बृजनाथ, सुधारानी, आचार्य बचपन बृजनाथ, अशोक पारस, डॉ. राखी बरनवाल, डॉ. आशा पुष्प और अनंत शेखर ने भी अपनी दमदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन गीता कुमारी गुस्ताख ने किया और धन्यवाद ज्ञापन परिषद के सचिव विकल राही ने किया।

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