नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह मौजूदा वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत पर रहा है, जिसे संशोधित अनुमान के अनुसार हासिल किया गया।

करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा। बजट में सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है, जिससे सीएनजी से चलने वाले वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी। वित्तमंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी पर अब सजा नहीं होगी। सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है। जो अपनी आय छिपाएगा, उससे 30 प्रतिशत कर लिया जाएगा लेकिन उसे जेल या सजा नहीं होगी। सीतारमण ने विदेशियों को राहत देते हुए कहा कि भारत में पांच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी गैर-भारत आय पर कर से छूट मिलेगी। साथ ही भारत में डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र बिना असेसिंग अधिकारी को आवेदन दिए प्राप्त किया जा सकेगा। जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की प्रतिभूतियां हैं, उनके लिए डिपॉजिटरी को अनुमति दी जाएगी कि वे निवेशकों से फॉर्म 15 जी या 15 एच स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों को भेज सकें। वित्तमंत्री ने बताया कि संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों पर टीडीएस नियम भी बदले गए हैं।

इनकम टैक्स और अर्थव्यवस्था में कोई बदलाव नहीं

आयकर स्लैब: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह पिछले वर्ष की तरह ही रहेगा।

स्टैंडर्ड डिडक्शन: इसमें भी कोई राहत नहीं दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत

दवाएं सस्ती: कैंसर की 17 दवाएं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर ड्यूटी कम/खत्म की गई है, जिससे ये सस्ती होंगी।

आयुर्वेदिक संस्थान: देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) खोले जाएंगे।

मेडिकल टूरिज्म: भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए 5 मेडिकल हब  विकसित किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

हाई-स्पीड रेल :  देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे। जिसमें मुख्य रूट मुंबई से पुणे,  पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई और सिलिगुड़ी से वाराणसी होंगे।

क्या सस्ता हुआ?

बजट में कुछ वस्तुओं पर रियायत दी गई है जिसमें जूते और कपड़ा (निर्यात संबंधी), बैटरी और मैन-मेड फाइबर, शराब और बीड़ी शामिल हैं।

टेक्सटाइल और कारीगरों के लिए पहल

मेगा टेक्सटाइल पार्क: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए पार्कों की स्थापना।

नई पॉलिसियां: नेशनल फाइबर स्कीम और नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए कारीगरों को तकनीकी और आर्थिक मदद दी जाएगी।

रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी

सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं (पिछले वर्ष की तुलना में 15.2% की वृद्धि)।  हथियारों की खरीद और नई तकनीक के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल से 22% अधिक है।

5. शहरी विकास : 5 लाख से अधिक आबादी वाले छोटे और मध्यम शहरों के विकास के लिए 12.2 लाखकरोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया गया है। इसका उद्देश्य महानगरों पर दबाव कम करना और छोटे शहरों में सुविधाएं बढ़ाना है।

6. शिक्षा और युवा: कंटेंट क्रिएटर लैब्स

डिजिटल अर्थव्यवस्था को देखते हुए 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ बनाई जाएंगी, ताकि छात्र आधुनिक कौशल सीख सकें।

7. महिला कल्याण: हॉस्टल सुविधा

महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए देश के करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए समर्पित हॉस्टल बनाए जाएंगे (हर जिले में एक)।

आर्थिक संकेतक और अन्य सुधार

  • राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे जीडीपी के 4.3% पर लाने का लक्ष्य रखा गया है (जो फिलहाल 4.8% है)।
  • विदेशी कंपनियां: भारत में डेटा सेंटर चलाने वाली क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे (कर अवकाश) दिया गया है।
  • स्वचालित प्रक्रिया: छोटे करदाताओं को बिना असेसिंग अधिकारी के चक्कर काटे, सीधे सिस्टम के जरिए टीडीएस (TDS) कटौती प्रमाणपत्र मिल सकेगा।
  • मेडिकल टूरिज्म: भारत को दुनिया का ‘हीलिंग हब’ बनाने के लिए 5 रीजनल हब विकसित किए जाएंगे।
  • कौशल विकास: अगले 5 वर्षों में 1 लाख विशेषज्ञ हेल्थकेयर प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयर गिवर्स तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • यूनिवर्सिटी टाउनशिप: प्रमुख शहरों के पास ऐसी एकीकृत टाउनशिप विकसित की जाएंगी जहाँ शिक्षा, शोध और निवास की वैश्विक सुविधाएं होंगी।
  • खगोल विज्ञान: चयनित संस्थानों में अत्याधुनिक दूरबीन (Telescopes) और खगोलीय प्रेक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

4. नागरिक उड्डयन: ‘उड़ान’ और पुरानी देनदारियां

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसका वितरण इस प्रकार है:

  • एयर इंडिया देनदारियां: कुल बजट का 42% (890 करोड़ रुपये) एयर इंडिया से जुड़ी पुरानी देनदारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च होगा।
  • उड़ान (UDAN) योजना: छोटे और मंझोले शहरों में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना का बजट बढ़ाकर 550 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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