रांची में बनेगा 500 बेड का हाई-टेक मेंटल हॉस्पिटल

रांची :  केंद्रीय बजट 2026-27 में झारखंड के लिए की गई स्वास्थ्य घोषणाओं ने राज्य में राजनीतिक और चिकित्सा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झारखंड में दो नए मानसिक आरोग्यशाला (मेंटल हॉस्पिटल) खोलने के निर्णय पर जहां विशेषज्ञों ने हर्ष जताया है, वहीं राज्य सरकार ने इसे ‘अपमानजनक’ करार दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “यह अमृत नहीं, जहर का बजट है”

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को झारखंड के साथ ‘छलावा’ बताते हुए कहा “हमने केंद्र से राज्य के लिए एम्स (AIIMS) की मांग की थी, लेकिन बदले में हमें ‘पागलखाना’ दिया गया। क्या भाजपा झारखंड की जनता को मानसिक बीमार समझती है?”

उन्होंने आगे कहा कि राज्य में पहले से ही प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। यह बजट अमृतकाल का नहीं, बल्कि आम जनता को निराश करने वाला ‘जहर’ समान बजट है।

विरोध के बीच, चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस कदम को मील का पत्थर बताया है। कांके स्थित मानसिक रोग केंद्र के निदेशक डॉ. विनय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि रांची के CIP परिसर में बेंगलुरु के मशहूर NIMHANS की तर्ज पर 500 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। यह प्रोजेक्ट आगामी दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। बेड बढ़ने के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के नए पदों का सृजन होगा, जिससे वर्तमान संस्थानों पर पड़ने वाला मरीजों का बोझ कम होगा।

इस तरह झारखंड बनेगा ‘मेंटल हेल्थ हब’। इस नई परियोजना से केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) के मरीजों को भी विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मंत्री प्रेम मित्तल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि रांची का अनुकूल मौसम और नई स्वास्थ्य सुविधाएं न केवल मरीजों को राहत देंगी, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।

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