पटना : बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सरकारी आवास से पंखा, एसी, कुर्सी जैसे सामान चुराने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने नीतीश सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान उर्फ लकेंद्र कुमार रौशन पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी बुद्धि फेल हो गई है। बिहार में अपराधी तांडव मचा रहे हैं और मंत्री को बल्ब पंखे की चिंता सता रही है। तेज प्रताप ने उन्हें नसीहत दी कि वे एससी-एसटी कल्याण मंत्री हैं और अपने विभाग की चिंता करें।

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने सोमवार को कहा कि जिस सरकारी आवास में वह रह रहे थे, वहां पर सभी सामान उन्होंने अपने पैसे से खरीद कर लगाए थे। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण विभाग की ओर से उन्हें बंजर बंगला दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वर्ग बना दिया।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महुआ सीट से हारने के बाद बीते नवंबर महीने में तेज प्रताप को भवन निर्माण विभाग की तरफ से सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। उन्होंने हाल ही में पटना के 26, एम स्ट्रेंड रोड स्थित सरकारी बंगला खाली कर दिया। इसे विभाग ने मंत्री लखेंद्र पासवान को आवंटित किया है।
मंत्री पासवान बीते शनिवार को जब इस आवास में पहुंचे तो उन्होंने आरोप लगाए कि बंगले से बल्ब, पंखा, सोफा और कुर्सी जैसे कई सामान गायब हैं। एसी भी उखाड़ लिया गया और घर को खंडहर बना दिया गया है। कहीं पर दरवाजे की कुंडी टूटी हुई है तो कहीं पर छत का प्लास्टर उखड़ा हुआ है। इस बंगले में पंखा-एसी आदि उखाड़ लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्री ने कहा कि यह आवास फिलहाल रहने लायक नहीं है। इसकी जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी गई है। बंगले की मरम्मत के बाद ही वे इसमें शिफ्ट होंगे।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग की ओर से किसी विधायक या मंत्री को आवास दिया जाता है तो उसके साथ कुछ जरूरी सामान भी दिए जाते हैं, मगर तेज प्रताप द्वारा खाली किए गए बंगले में ये सामान नहीं हैं। तेज प्रताप यादव ने इन आरोपों को नकार दिया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं आई।
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने सरकारी आवास से अपना अधिकतर सामान ऑफिस में शिफ्ट किया है। बता दें कि बिहार में महागठबंधन की सरकार के समय मंत्री रहे तेज प्रताप यादव को लगभग दो साल पहले यह बंगला आवंटित किया गया था। उस समय वे हसनपुर सीट से विधायक थे।
हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान महुआ सीट से चुनाव हारने के बाद उन्हें भवन निर्माण विभाग की ओर से सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला था। तेज प्रताप फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और ना ही किसी संवैधानिक पद पर हैं।
तेज प्रताप के छोटे भाई एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी सरकारी आवास से सामान चोरी करने के आरोप लग चुके हैं। अक्टूबर 2024 में जब उन्होंने पटना के 5, देशरत्न मार्ग स्थित बंगला खाली किया था तो उन पर टोंटी, एसी, पंखा, बेड समेत कई सामान चोरी कर ले जाने का आरोप भाजपा और जेडीयू के नेताओं ने लगाया था। हालांकि, तेजस्वी की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया था। बाद में यह बंगला डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को आवंटित किया गया था।