नालंदा : बिहार के नालंदा जिले में साइबर ठगी का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। कतरीसराय थाना पुलिस ने खेतों के बीच बैठकर कॉल सेंटर चला रहे एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो ‘बेबी बर्थ’ सर्विस के नाम पर युवाओं को मोटी रकम का लालच देकर उनके बैंक खाते खाली कर रहा था।
ऑपरेशन ‘खेत-खलिहान’का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को सुंदरपुर और बरीठ गांव के बीच खेतों में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। जब पुलिस ने छापेमारी की, तो नजारा चौंकाने वाला था।
अपराधी किसी आलीशान ऑफिस से नहीं, बल्कि खेतों में बैठकर मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए ठगी का साम्राज्य चला रहे थे। पुलिस ने मौके से नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रभात कुमार, नितीश कुमार, प्रीतम कुमार, अनिल कुमार तथा एक नाबालिग के रूप में की गई है। उनके पास से 7 मोबाइल फोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपित ने यह भी बताया कि भोले-भाले लोगों को सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। गिरोह लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निशाना बना रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
यह गिरोह मनोवैज्ञानिक तरीके से लोगों के लालच और मजबूरी का फायदा उठाता था। ठगी का तरीका यह था कि गिरोह व्हाट्सएप के जरिए महिलाओं और युवतियों की तस्वीरें भेजकर पुरुषों को संपर्क करता था। उन्हें झांसा दिया जाता था कि नि:संतान महिलाओं को गर्भवती करने पर उन्हें 5 से 10 लाख रुपये तक दिए जाएंगे। शिकार को फंसाने के बाद ‘रजिस्ट्रेशन फीस’, ‘प्रोसेसिंग शुल्क’ और ‘सिक्योरिटी मनी’ के नाम पर किस्तों में पैसे ऐंठे जाते थे। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए कहा जाता था कि महिला अपनी पहचान गुप्त रखना चाहती है, ताकि कोई शक न करे।
पुलिस और विशेषज्ञों ने इस स्कैम से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। मेडिकल साइंस के इस युग में (जहां IVF जैसी तकनीक मौजूद है), कोई किसी को इस काम के लिए लाखों रुपये क्यों देगा? यह पूरी तरह से एक “हनी ट्रैप” जैसा डिजिटल जाल है। ऐसे ठगों के झांसे में न आयें। अनजान व्हाट्सएप मेसेज तुरंत रिपोर्ट/ब्लॉक करें। किसी अनजान लिंक या फोटो पर क्लिक न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर 1930 पर कॉल करें।
बिहार में यह पहला मामला नहीं है; इससे पहले नवादा में भी ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी हो चुकी है। ठग अब गांवों और खेतों को अपना ठिकाना बना रहे हैं।