बोकारो : बोकारो के चास थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की झूठी अफवाह ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। बंशीडीह गांव में उन्मादी भीड़ ने उत्तर प्रदेश से आए पांच निर्दोष साधुओं को ‘बच्चा चोर’ समझकर बेरहमी से पीट दिया। गनीमत रही कि पुलिस ने समय पर पहुंचकर उन्हें भीड़ के चंगुल से छुड़ा लिया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले पांच साधु अपनी यूपी नंबर की गाड़ी से गांव में भिक्षाटन के लिए पहुंचे थे। गाड़ी का नंबर और साधुओं का वेश देखकर कुछ ग्रामीणों ने शोर मचा दिया। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जुट गई और बिना किसी जांच-परख के साधुओं पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही चास पुलिस मौके पर पहुंची और उग्र भीड़ के बीच से साधुओं को सुरक्षित निकालकर थाने ले आई।
थाने में मुख्यालय डीएसपी प्रवीण कुमार सिंह ने पकड़े गए साधुओं से घंटों पूछताछ की और उनके दस्तावेजों की जांच की। जांच में बच्चा चोरी से संबंधित कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। यह स्पष्ट हो गया कि वे केवल धार्मिक कार्यों और भिक्षाटन के लिए इलाके में घूम रहे थे। सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने सभी साधुओं को छोड़ दिया। डीएसपी ने चेतावनी दी है कि यदि साधुओं की ओर से शिकायत मिलती है, तो मारपीट करने वाली भीड़ के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने इस घटना के बाद जिलेवासियों के लिए सख्त हिदायत जारी की है कि सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों पर यकीन कर किसी अनजान पर हमला न करें। अगर कोई संदिग्ध दिखता है, तो कानून हाथ में लेने के बजाय 112 या नजदीकी थाने को बताएं। भीड़ का हिस्सा बनकर हिंसा करना एक संगीन जुर्म है, जिसमें जेल जाना तय है।