लखनऊ :  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका के हमले में हुई मृत्यु की खबर ने उत्तर प्रदेश के शिया बहुल इलाकों में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी लखनऊ का पुराना इलाका रविवार को विरोध का मुख्य केंद्र रहा। लखनऊ के चौक इलाके में हजारों लोग इजराइली कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे, जिसके कारण पुलिस को कई रास्ते बंद करने पड़े। छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें काले लिबास पहने महिलाओं और बच्चों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

संभल जिले में भी इस घटना का व्यापक असर देखने को मिला है। खामेनेई की मौत के विरोध में संभल के सिरसी बाजार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं। जिले के संवेदनशील इलाकों में पुलिस सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए पल-पल की निगरानी कर रही है।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस घटना पर कड़ा दुख व्यक्त किया है। बोर्ड ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है और लोगों से घरों पर काले झंडे लगाने की अपील की है। मीडिया  रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू की भी जान चली गई है।

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। लखनऊ, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और संभल में 24×7 निगरानी के आदेश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों को रोकने के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

युद्ध की स्थिति के कारण खाड़ी देशों का हवाई संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट से दुबई, मस्कट और अबू धाबी जैसे शहरों के लिए जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे यात्री परेशान हैं।

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