रांची: राज्य के सरकारी अस्पतालों मेंकिडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। वैसे तो राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इस सेवा को शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है लेकिन इसका श्री गणेश झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेन्द्र इंस्टिचयूट ऑफ मेडिकल साइन्सेज यानि रिम्स से होगी। संभव है कि निजी क्षेत्र में राज हॉस्पिटल को भी इसकी अनुमति मिले।

इस मुद्दे पर एक बड़ी बैठक 9 जनवरी को होनी है। 9 जनवरी को एड्वाइजरी कमिटी की इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित सभी बड़े अधिकारी शामिल होंगे।

इस बैठक के समापन के बाद उम्मीद है कि रिम्स और राज हॉस्पिटल की किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकरण और लाइसेंस संबंधित प्रक्रियाएं शुरू हों जाए। स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव ध्रुव प्रसाद ने इससे संबंधित विभागों को पत्र जारी करते हुए बताया है कि स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट से पहले निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। साथ ही कुछ अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी विचार किया जाता है।

पहले इस संबंध में गठित एक समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण करती है और बुनियादी ढांचे, फैकल्टी, नेफ्रोलॉजी व यूरोलॉजी सेवा, ऑपरेशन थिएटर, आइसीयू, ब्लड बैंक सहित अन्य आवश्यक संसाधनों का आकलन करती है. निरीक्षण के उपरांत समिति अपना रिपोर्ट देती है, जिसके आधार पर ट्रांसप्लांट की अनुमति दी जाती है।

एड्वाइजरी कमिटी की इस बैठक में जिसमें राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल रहेंगे, रिम्स और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट का पंजीकरण और लाइसेंस प्रदान करने पर विचार होगा। झारखंड वासियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी होगी और राज्य का चिकित्सा के क्षेत्र में यह बहुत बड़ा कदम भी।

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