रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक बड़ी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी कर ली है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने प्रदेश के 22 जिलों में 634 कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 146 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।

कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का लक्ष्य कब्रिस्तानों को अतिक्रमण मुक्त रखना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और वहां आधारभूत सुविधाएं (जैसे बाउंड्री वॉल और रास्ते) विकसित करना है। जिला कल्याण पदाधिकारी इस योजना के नोडल अधिकारी होंगे। पूरी प्रक्रिया की देखरेख संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC) द्वारा की जाएगी।
कुल स्वीकृत राशि और कब्रिस्तानों की संख्या के मामले में साहिबगंज जिला शीर्ष पर है। साहिबगंज को 31.04 करोड़ रुपये की लागत से 126 कब्रिस्तानों का कायाकल्प होगा। जबकि खूंटी को 82 कब्रिस्तानों के लिए 18.99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पलामू तीसरे स्थान पर है, जहां 76 कब्रिस्तानों के लिए 18.44 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। अन्य जिलों जैसे पाकुड़, धनबाद, गिरिडीह और चतरा आदि के लिए भी 1 से 3 करोड़ रुपये के बीच की राशि स्वीकृत की गई है।
जिलों के अनुसार स्वीकृत राशि (टॉप-10)
| जिला | कब्रिस्तानों की संख्या | स्वीकृत लागत (करोड़ में) |
| साहिबगंज | 126 | 31.04 |
| खूंटी | 82 | 18.99 |
| पलामू | 76 | 18.44 |
| हजारीबाग | 50 | 11.77 |
| गोड्डा | 45 | 10.86 |
| रांची | 48 | 10.36 |
| देवघर | 39 | 7.89 |
| लातेहार | 26 | 6.21 |
| बोकारो | 20 | 4.84 |
| दुमका | 18 | 3.67 |
संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी ने सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर कुछ अनिवार्य शर्तों का पालन करने को कहा है। योजना शुरू करने से पहले भूमि संबंधी विवादों का निपटारा अनिवार्य है। यह सुनिश्चित किया जाए कि एक ही कब्रिस्तान पर दोबारा खर्च न हो। अगस्त 2024 के निर्णय के अनुसार, निजी जमीन पर बने कब्रिस्तान की घेराबंदी तभी होगी जब रैयत अपनी जमीन ‘दान-पत्र’ के माध्यम से सरकार को सौंपेंगे।