
देवघर : गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड की आर्थिक स्थिति और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर तीखा हमला बोला है। देवघर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने दावा किया कि राज्य का खजाना खाली होने की कगार पर है, जिससे आने वाले समय में गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
सांसद ने राज्य सरकार द्वारा केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये की मांग पर पलटवार करते हुए आशंका जताई कि झारखंड की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री का वेतन देने में भी दिक्कत आ सकती है।
निशिकांत दुबे ने कहा कि सरकार के पास पैसा नहीं है, ऐसे में यदि ‘मंईयां सम्मान योजना’ अचानक बंद हो जाए, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक योजना के चक्कर में राज्य के अन्य सभी विकास कार्य पूरी तरह रुक गए हैं।
यूजीसी (UGC) से जुड़े विवाद और आरक्षण के मुद्दों पर सांसद ने अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यूजीसी का मामला फिलहाल न्यायपालिका के अधीन है और वे सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का स्वागत करते हैं।
निशिकांत दुबे ने जोर दिया कि देश बाबा साहब अंबेडकर के संविधान से चलता है। उनके अनुसार, आर्टिकल 14 और 15 के तहत सभी भ्रम दूर हो जाएंगे।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास रखें, क्योंकि उनकी नीति का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है।
सांसद ने अपने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा हर वर्ग के साथ न्याय किया है। उन्होंने कहा कि देश काफी आगे बढ़ चुका है और भाजपा की राजनीति का केंद्र बिंदु समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।