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असली नायकों को सम्मान न देना बेईमानी है, संवेदनहीनता है, निंदनीय और शर्मनाक है: बाबू लाल मरांडी  

रांची:  रांची के धुर्वा क्षेत्र से 2 जनवरी से लापता दो मासूम बच्चों अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी को 13वें दिन खोजा लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड स्थित पहाड़ियां जहाने से बजरंग दल चितरपुर के बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गुलगुलिया दंपति के पास से दोनों बच्चों को बरामद किया है।

पहले खबर आई कि रांची से लापता दो मासूम बच्चों अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी को बजरंग दल रामगढ़ के युवकों ने खोजा और पुलिस को सौंपा। जानकारी के अनुसार रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड स्थित पहाड़ियां जहाने से बजरंग दल चितरपुर ने लापता बच्चों को कुशल बरामद कर पुलिस को सौंपा। फिर पूरी खबर आई कि बजरंग दल चितरपुर समिति के बजरंगी सचिन प्रजापति, बबलु साहु और सन्नी ने बुधवार को खोजबीन अभियान के तहत रामगढ़ जिले चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ियां जहाने जगह में खोजबीन अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों बच्चों को गुलगुलिया दंपति के पास देखा गया।  गुलगुलिया दंपति के पास से बच्चों को बरामद कर रामगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। उसके बाद बजरंग दल के युवकों ने दोनों बच्चों और गुलगुलिया दंपति को पुलिस को सौंप दिया। गुलगुलिया दंपति और बच्चों को रजरप्पा पुलिस रामगढ़ पुलिस मुख्यालय ले गई। बजरंग दल द्वारा बच्चों को खोजे जाने के बाद से पूरे क्षेत्र में बजरंग दल की काफी सराहना हो रही हैं। इसके बाद पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया।

लेकिन इस पर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी का कहना है कि बच्चे बरामद हुए, सकुशल हुए। इससे ज्यादा कुछ अच्छा नहीं हो सकता।  इसमें दो राय नहीं कि पुलिस ने भी काफी मेहनत की, दिन-रात एक कर दिया और बात बहुत फैल गई। अंततः बजरंग दल के युवाओं ने इन बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला। रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों ने जो मेहनत की और जिस तरह से बच्चों का पता लगाया, उस पर क्या कहा जा सकता है। लेकिन उसके बाद पुलिस ने प्रेस के सामने जो बयानबाजी की, जिस तरह से बातों को परोसा वह पूरी वाह-वाही अकेले लूट लेने का प्रयास भर कहा जा सकता है।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस ने अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन बरामद करने वाले बजरंग दल के इन युवाओं के लिए कुछ नहीं कहा। अब श्रेय लेने की होड़ में कहें या सारा क्रेडिट अकेले हड़प लेने का चक्कर कहें, असली नायकों को सम्मान न देना बेईमानी है, संवेदनहीनता है, निंदनीय और शर्मनाक है।

दूसरी ओर श्री मरांडी ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री ने भी प्रशासन की खूब प्रशंसा की है, लगता है उन्हें  भी अंधेरे में रखा गया है और पूरी जानकारी नहीं दी गई है। उल्लेखनीय यह भी है कि बच्चों को खोजने वालों या पता लगाने वालों के लिए दो लाख रुपए की इनाम की राशि भी रखी गई थी।

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