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नई दिल्ली :  भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आशीर्वाद के साथ पेश किए गए इस बजट में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया गया है।

इस साल के बजट का केंद्र बिंदु MSME, सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर रहे। इस बजट में छोटे उद्योगों (MSME) का कायाकल्प करने के उद्देश्य से सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों को देश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए भारी निवेश की घोषणा की है।

ग्रोथ फंड: MSME सेक्टर के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़ के विशेष फंड की स्थापना।

  • लघु उद्योग सहायता: छोटे उद्योगों के लिए ₹7,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट आवंटन।
  • लॉजिस्टिक्स बूस्ट: कंटेनर निर्माण को घरेलू स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना।
  • शहरी विकास: टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक क्लस्टर्स का विकास।

स्वास्थ्य और बायो-फार्मा: दवाओं की कीमतों में राहत

आम आदमी के स्वास्थ्य खर्च को कम करने और देश को दवा अनुसंधान में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

  • किफायती इलाज: कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों की दवाएं अब सस्ती होंगी।
  • बायो-फार्मा शक्ति: इस सेक्टर के लिए कुल ₹40,000 करोड़ का प्रावधान, जिसमें ₹10,000 करोड़ का सीधा निवेश शामिल है।
  • नए अस्पताल: देश को मिलेंगे 3 नए AIIMS और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए AIIMS के स्तर के 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान।
  • WHO सेंटर: जामनगर में ‘WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर’ को वैश्विक स्तर पर विकसित किया जाएगा।
  •  टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर: ‘डिजिटल इंडिया’ का अगला चरण

भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 :  चिप मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देने के लिए मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत।
  • स्किलिंग: युवाओं को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार करने हेतु विशेष ट्रेनिंग सेंटर्स की स्थापना।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: रफ़्तार पकड़ेगा भारत

कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है।

  • प्रमुख रूट्स: दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, चेन्नई-बेंगलुरु, और हैदराबाद-बेंगलुरु जैसे रूटों पर काम तेज होगा।
  • मिनरल कॉरिडोर: खनिज संपदा वाले 4 राज्यों में विशेष औद्योगिक गलियारे बनाए जाएंगे।

पूर्वोत्तर और पर्यटन: ‘पूर्वोदय’ से विकास

  • ई-बस सेवा: पूर्वोत्तर राज्यों के प्रदूषण मुक्त परिवहन के लिए 4,000 ई-बसें दी जाएंगी।
  • बौद्ध सर्किट: अरुणाचल, सिक्किम और असम सहित अन्य राज्यों में बौद्ध पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा।
  • टेक्सटाइल: महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के जरिए खादी और हैंडलूम को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास।

कुल मिलकर बजट 2026-27 पूरी तरह से संतुलित विकास पर आधारित है। जहाँ एक तरफ हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर पर जोर है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी के लिए सस्ता स्वास्थ्य और ग्रामीण रोजगार को भी प्राथमिकता दी गई है।

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