नई दिल्ली : राज्यसभा में बजट सत्र के दौरान उस वक्त माहौल बेहद गर्मा गया, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मनोरंजन कर और फिल्म टिकटों की कीमतों को लेकर शुरू हुई यह बहस व्यक्तिगत छींटाकशी तक जा पहुंची।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब जया बच्चन ने बजट में मनोरंजन उद्योग के लिए किए गए प्रावधानों पर असंतोष जताया। जया बच्चन ने वित्त मंत्री के स्पष्टीकरण को ‘कहानी’ करार देते हुए कहा, आपने बहुत अच्छे जवाब दिए हैं, आप एक बेहतरीन कहानीकार हैं।”

उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग सबसे अधिक टैक्स देने वाले क्षेत्रों में से एक है, लेकिन टिकटों की बढ़ती कीमतों और भारी करों के कारण यह सेक्टर संकट में है।

बार-बार टोके जाने और ‘कहानीकार’ कहे जाने पर वित्त मंत्री अपना आपा खो बैठीं। उन्होंने जया बच्चन को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि बोलने की ताकत सिर्फ उन्हें (जया बच्चन) ही नहीं मिली है। उन्होंने सांसद के लहजे पर कड़ी आपत्ति जताई।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि मनोरंजन कर और टिकटों की कीमतें तय करना केंद्र नहीं, बल्कि राज्य सरकार का विषयहै। उन्होंने कहा, “मुझसे यह पूछने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि यह अधिकार क्षेत्र राज्यों के पास है।”

दोनों दिग्गज महिलाओं के बीच हुई इस सीधी भिड़ंत के दौरान सदन में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वे तथ्यों के साथ जवाब दे रही हैं, न कि कोई कहानी सुना रही हैं। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे बुनियादी संवैधानिक शक्तियों (केंद्र बनाम राज्य) को समझकर सवाल पूछें।

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